हरिद्वार लंढोरा में कोर्ट आदेश को लेकर विवाद, रास्ते पर कब्जे की कोशिश रोकी
कस्बा लंढोरा में कोर्ट के आदेश को लेकर रास्ते पर कब्जे का मामला सामने आया है। वादी पक्ष का आरोप है कि नगर पंचायत कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही, जबकि नगर पंचायत इसे सार्वजनिक रास्ता बताते हुए किसी भी कब्जे से इनकार कर रही है। यह मामला वर्ष 2018 से मुस्तरी पत्नी दिलशाद बनाम नगर पंचायत लंढोरा एवं पूर्व चेयरमैन खलील के नाम से न्यायालय में चल रहा था।
वादी पक्ष का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद वे अपने अधिकार के अनुसार रास्ते पर कार्य कर रहे थे, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। वादी के पति दिलशाद ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई है। मामले को लेकर आज मौके पर नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी, पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. नसीम अहमद पहुंचे। नायब तहसीलदार ने बताया कि विवादित भूमि बारात घर व तालाब की जमीन से जुड़ी है और रास्ते के मामले की जांच की जा रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि यह रास्ता करीब 20 साल पुराना है और कागजों में 6 फीट का रास्ता दर्ज है। अधिशासी अधिकारी हेमंत गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत तालाबों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द होगी। फिलहाल आगे की कार्रवाई जांच और न्यायालय निर्देशों पर निर्भर करेगी।




