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स्कूल -कॉलेज के पास तम्बाकू व गुटखा दुकानों पर कड़ी रोक, नशा मुक्ति अभियान को तेजी।

स्कूल -कॉलेज के पास तम्बाकू व गुटखा दुकानों पर कड़ी रोक, नशा मुक्ति अभियान को तेजी।

जनपद में बच्चों और युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में एनसीओआरडी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूल और कॉलेजों के आसपास किसी भी प्रकार की तम्बाकू या गुटखा की दुकान संचालित न हो।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ा निगरानी रखने और समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्कूल या कॉलेज के आसपास तम्बाकू, गुटखा या अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार करते किसी भी व्यक्ति को पाया जाता है तो उसके माल को जब्त कर, नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने पुलिस और समाज कल्याण विभाग को नशीले पदार्थों के विरुद्ध संयुक्त रूप से निरंतर छापेमारी करने और किसी भी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के बारे में आम जनता को जागरूक करना भी आवश्यक है। इस दिशा में स्थानीय नेताओं, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलकर नशा रोकने की दिशा में प्रयास करना होगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अकांक्षा कोण्डे, एडीआईबी रोहित यादव, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर दीपक कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिजीत सिंह, फूड इंस्पेक्टर हरीश सिंह समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार आगामी दिनों में स्कूल-कॉलेजों के आसपास तम्बाकू और गुटखा की दुकानों पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की रूपरेखा तय की।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत छात्रों, अभिभावकों और आमजन को नशे के खतरे के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ सही दिशा में मार्गदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशा मुक्ति में सभी विभागों के साथ-साथ समाजिक संस्थाओं का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि युवा पीढ़ी स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।

अधिकारियों ने बैठक में यह निर्णय लिया कि आगामी महीनों में जिलेभर में व्यापक छापेमारी और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विशेषकर स्कूल-कॉलेजों के पास किसी भी प्रकार की तम्बाकू और गुटखा की दुकानों को पूर्णत: बंद कराने पर जोर दिया जाएगा। इस कदम से जिले में नशे की प्रवृत्ति को काफी हद तक नियंत्रित करने की उम्मीद है।

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