उपभोगता ने ऊर्जा निगम को भेजा कानूनी नोटिस कहा विभाग जनता को लूटने में लगा है सरकार भी हैं जिम्मेदार l
उत्तराखंड राज्य में विद्युत विभाग द्वारा 1 महीने का बिल बिजली का ना भेजे जाने पर कभी 2 महीने का कभी ढाई महीने का बिल विद्युत विभाग अपने उपभोक्ताओं को भेजता है जीसके सुधार के लिए और दंडात्मक कार्रवाई के लिए मेरे द्वारा आज प्रमुख सचिव ऊर्जा उत्तराखंड सरकार व प्रबंध निदेशक उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है कि मेरे बिजली का बिल जिसका खाता नंबर 401060 014 90 मुझे मई महीने में प्राप्त हुआ है जो 6029 रुपए का है यह बिल 11 मार्च 2022 से 23 मई 2022 तक का बिल मुझे प्राप्त हुआ है और मैं उपभोक्ता आपके द्वारा हमेशा 2 महीने का या 2 महीने से ऊपर का बिल मेरे सहित सभी उत्तराखंड वासियों को भेजा जाता है इसके अलावा आपके बिल की जो रीडिंग 100 है तो उसका मूल्य अलग है और अगर 200 है तो उसका मूल्य और अलग हो जाता है और अगर 300 रीडिंग है तो उसका मूल्य और अलग और 400 रीडिंग हो जाती है तो उस विद्युत रीडिंग का बिल आपके द्वारा बढ़ोतरी की ओर जाता है उस से उपभोक्ता को नुकसान होता है जो आपके द्वारा लगातार कई वर्षों से किया जा रहा है इसके लिए आप केवल एक माह का ही बिल प्रत्येक उपभोक्ता को भेजा जाना सुनिश्चित करें मैंने अपने नोटिस में यह भी उल्लेख किया कि सन् 1857 की आजादी की क्रांति के समय अंग्रेजों ने भारतीयों पर केवल एक टैक्स लगाया था जो भारतीयों की आमदनी का टैक्स लगाया गया था ताकि भारतीय लोग हथियार ना खरीद सके और अंग्रेजों से मुकाबला ना कर सके परंतु आप दोनों के द्वारा जारी विद्युत बिल में चारजर फिक्स्ड चार्जेस ,अधिक विद्युत कर ,ग्रीन कर, इसके अलावा विद्युत बिल भी लिया जाता है ,कितने टैक्स हैं ,किसी भी व्यक्ति को इस संबंध में जानकारी नहीं है कि उक्त टैक्स जो उपभोक्ताओं से लिया जाता है वह किस् मद में और इस धनराशि में इसका उपयोग किया जाता है इसके बावजूद आए दिन बिजली की कटौती , लोवोल्टेज का सामना भी मेरे सहित समस्त उत्तराखंड वासियों को भुगतना पड़ रहा है और उसके लिए आप दोनों के द्वारा प्रताड़ना पहुंचाई जा रही है जिसकी भरपाई के लिए आप दोनों पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं





