एक पत्रकार वार्त के दौरान नेशनल ह्यूमन राइट्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव अनूप प्रकाश भारद्वाज एडवोकेट ने सड़क किनारे रेहड़ी पटरी वालों पर होने वाले अन्याय की कड़े शब्दों में निंदा की ओर कहा कि गरीब लोग अपने परिवार के भरण पोषण के लिए धूप में सड़क किनारे हो कर फल सब्जी आदि बेचते हैं।
क्यों कि चार पहिए की रेहड़ी या जमीन पर बिछा कर सब्जी आदि बेचना अतिक्रमण को नहीं दर्शाता वल्कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि जैसे तालाब, पोखर, शमशान, कब्रिस्तान होलिका दहन या पीठ लगने हेतु चिन्हित की जाने वाली जमीनों पर किसी प्रकार का पक्का स्थाई निर्माण करना अवैध अतिक्रमण को दर्शाता है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर ढाई सौ रुपए का चालान काटना निंदा का विषय है साथ ही गरीबों के साथ उत्पीड़न के इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गरीब जनता के साथ होने वाले अन्याय को दर्शाती है इसलिए न्यायालय जनहित याचिका पेश की जाएगी ताकि गरीब जनता का उत्पीड़न ना हो सके।




