25 मई को बड़े अदब व अकीदत के साथ मनाया जाएगा हजरत बाबा सुल्तानशाह पीर का 34वां सालाना उर्सउर्स की तैयारियां तेज, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन से की गई मांगखिदमतगार वरिष्ठ समाजसेवी आजम भारती निभा रहे अहम भूमिका सुल्तानपुर आदमपुर मे दरगाह हजरत बाबा सुल्तानशाह पीर बाबा रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर लगने वाला 34वां सालाना उर्स मुबारक आगामी 25 मई 2026 को बड़े ही अदब, अकीदत और शानो-शौकत के साथ आयोजित किया जाएगा। उर्स को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है तथा तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं।उर्स के दौरान बाबा गद्दी नशीन मरहूम बाबा शेरअली के पुत्र शमशेर अली के निवास स्थान से चादर शरीफ उठाकर दरगाह शरीफ तक ले जाई जाएगी, जिसके बाद कव्वाली, फातिहा और विशाल लंगर का आयोजन होगा। नमाज-ए-ईशा के बाद रातभर कव्वाली का शानदार कार्यक्रम चलेगा, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंद शामिल होंगे।उर्स में हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी धर्मों और समुदायों के हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। दरगाह पर श्रद्धालु चादर, फूल, मिठाई और नकद नजराना पेश कर अमन-चैन व खुशहाली की दुआएं मांगेंगे।उर्स की व्यवस्थाओं को लेकर खिदमतगार एवं वरिष्ठ समाजसेवी आजम भारती लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल माने जाने वाले आजम भारती कई वर्षों से उर्स के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं। उनकी देखरेख में उर्स की तमाम व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आजम भारती हमेशा धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यों और जनसेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिसके चलते क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान बनी हुई है।उर्स आयोजन समिति की ओर से प्रशासन से कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है, ताकि उर्स मुबारक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।इस अवसर पर शमशेर अली, मौलाना इकराम, फिरोज खान, अफजाल, अशरफ सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।




