रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
गर्मी हाय हाय बिजली बाय बाय उक्त कहावत एन दिनों उत्तराखंड ले ऊर्जा प्रदेश और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पर सटीक बैठ रही है l
बिजली का आलम यह है कि दिन में 5 घंटे का काट तो स्वाभाविक है उसके बाद रात में कितनी बार बिजली गायब हो जाए इसका कुछ कहना नहीं l जनता अब बिजली की मार झेलते झेलते इतनी दुखी हो गई है कि जनता ने इनके खिलाफ बोलना तक बंद कर दिया है जैसे केंद्र व राज्य में वहीं सरकार हेब्जो विपक्ष में रहते समय अगर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस पर 1 रुपया भी बढ़ता था तो उसका विरोध करने के लिए सडक से सांसद तक हर दिन मार्च निकाल कर सरकार को कोसती थी l अब वहीं लोग जो सड़कों पर सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करते नहीं थकते थे वें आग कहीं दिखाई नहीं दें राहै है, नहीं मिडिया जनता की समस्या को उठाने मेंभी दिलचस्पी दिखाते है और न ही उनकी आवाज बनना चाहते हैं, अब तो जनता ने इन सब को अपनी नियति मान लिया है l




