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कन्या गुरुकुल का साथ दिवसीय सेवा योजना शिविर का शुभारम्भ l

कन्या गुरुकुल का साथ दिवसीय सेवा योजना शिविर का शुभारम्भ कन्या गुरुकुल परिसर, ज्वालापुर, हरिद्वार में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत दिन की शुरुआत प्रातःकालीन **योगाभ्यास** से की गई, जिसमें सभी स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा। योगाभ्यास के पश्चात परिसर में **यज्ञ** का आयोजन किया गया, जिसमें सभी छात्राओं ने श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।इसके पश्चात **नशा मुक्ति** विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें **प्रोफेसर बबीता शर्मा** मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में नशे के दुष्प्रभावों, उससे होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने छात्राओं को स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। अपने प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से उन्होंने छात्राओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी छात्राओं को **नशा मुक्ति की शपथ** भी दिलाई।इसके उपरांत शिविर के अंतर्गत **नशा मुक्ति जागरूकता** विषय पर विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें **पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन तथा रंगोली प्रतियोगिता** प्रमुख रहीं। इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रंगोली, पोस्टर और नारों के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि नशा व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज के लिए हानिकारक है और इससे दूर रहना ही एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।प्रतियोगिताओं के समापन के पश्चात परिणाम घोषित करने के लिए **निर्णायक मंडल** को आमंत्रित किया गया, जिसमें **डॉ. विरेंद्र विरक** तथा **डॉ. मंजू शाह कौशिक** निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के कार्यों का अवलोकन करते हुए उनकी रचनात्मकता, प्रस्तुति और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन किया। निर्णायकों ने सभी छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उत्साह और सामाजिक जागरूकता की भावना की प्रशंसा की।कार्यक्रम के अंत में छात्राओं द्वारा **नशा मुक्ति जागरूकता रैली** निकाली गई, जिसमें उन्होंने विभिन्न नारों और संदेशों के माध्यम से आसपास के क्षेत्र के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान छात्राओं ने स्थानीय लोगों से **सीधा संवाद (इंटरैक्शन)** भी किया और उन्हें नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार पूरे कार्यक्रम के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का एक सार्थक प्रयास किया गया।

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