लक्सर में आर्य समाज का 91वां वार्षिकोत्सव: उत्साह और शोक का अनोखा संगमओम ध्वज फहराया, यज्ञ की ज्योति जली, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे मंदिर को शोकाकुल कर दिया

लक्सर वैदिक परंपरा की खुशबू और भजन-कीर्तन की मधुर धुनों के बीच आज आर्य समाज मंदिर, लक्सर में 91वें वार्षिकोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। सुबह की पहली किरण के साथ वैदिक हवन यज्ञ संपन्न हुआ और ओम ध्वज फहराकर उत्सव की शुरुआत की गई। सैकड़ों आर्य समाजी, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने इस पवित्र अवसर पर एकजुट हुए थे।लेकिन खुशियों का यह माहौल अचानक गहरा शोक में बदल गया। तहसील व्यापार मंडल के सम्मानित अध्यक्ष एवं समाजसेवी अजय वर्मा जी के प्रिय भतीजे शलभ वर्मा की पारिवारिक विवाह समारोह से लौटते समय एक भीषण सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर ने पूरे आर्य समाज परिवार को स्तब्ध कर दिया।आर्य समाजियों ने गहन शोक में डूबकर शलभ वर्मा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। साथ ही पूर्व प्रधान एवं संरक्षक डॉ. बाबूराम आर्य जी तथा संरक्षक सत्यवती जी की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की गई। दुर्घटना में घायल अजय वर्मा जी एवं अन्य परिजनों के शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य की कामना के साथ सामूहिक शांति पाठ किया गया।शोक की इस पीड़ादायक घड़ी में उत्सव की प्रस्तावित शोभायात्रा को स्थगित कर दिया गया। शांति पाठ के बाद आज का समस्त कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।कल से तीन दिवसीय उत्सव फिर जोर-शोर से21 फरवरी (शनिवार) से 23 फरवरी (सोमवार) तक कार्यक्रम निर्धारित समय पर चलेगा:प्रातः सत्र सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक: हवन यज्ञ, यज्ञोपवीत संस्कार, भजन एवं उपदेश दोपहर सत्र दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तकरात्रि सत्र — रात 7:30 से 10:30 बजे तक वैदिक विद्वान इन सत्रों में वेदों का प्रचार-प्रसार करेंगे सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर देंगे और भजन-कीर्तन व प्रवचनों से समाज को नई दिशा देंगे।प्रमुख उपस्थिति कार्यक्रम में हरिद्वार जिले के आर्य समाज के प्रदेश मंत्री चंद्र प्रकाश आर्य जिला प्रधान डॉ श्याम सिंह आर्य मंत्री राहुल अग्रवाल कोषाध्यक्ष गौरव आर्य आचार्य विक्रांत राजेश आर्य बीरबल आर्य सुखपाल आर्य धनपत राय आर्य सेवाराम सिंघल धर्मचंद आर्य गौरव अग्रवाल प्रवेश गर्ग विजय ढल डॉ राजेंद्र वर्मा डॉ सौरव वर्धन सिंघल डॉ राजपाल टोंक सुरेश वाल्मीकि रतेंद्र तिवारी संजय मुखिया एमडी मिश्रा मृत्युंजय सिंह राजपाल आर्य, सुरेश आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्य समाजी और बच्चे उपस्थित रहे।आर्य समाज लक्सर के पदाधिकारियों ने भावुक होकर कहा यह उत्सव वेदों की ओर लौटने, सामाजिक सुधार और मानव सेवा का प्रतीक है। आज का शोक हमें और अधिक दृढ़ बनाएगा, ताकि हम स्वामी दयानंद के आदर्शों को और मजबूती से निभा सकें।”गहन शोक संवेदना आर्य समाज परिवार की ओर से शलभ वर्मा जी के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य दें



