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डॉ. अकलीम अहमद: पैरा थ्रो बॉल में गोल्ड चमकाया, देश का नाम रोशन

डॉ. अकलीम अहमद: पैरा थ्रो बॉल में गोल्ड चमकाया, देश का नाम रोशन! स्वागत में सुलतानपुर उमड़ा लक्सर सुलतानपुर आदमपुर (हरिद्वार)अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का परचम लहराने वाले दिव्यांग योद्धाओं की एक और मिसाल पेश की है खटीमा (उधम सिंह नगर) के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अकलीम अहमद ने। इंडोनेशिया में आयोजित इंडोनेशियन इंटरनेशनल पैरा थ्रो बॉल सीरीज 2026 में भारतीय टीम के कप्तान ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा, और इसकी मुख्य कड़ी बने डॉ. अकलीम। मूल रूप से तहसील लक्सर (जिला हरिद्वार) के नगर पंचायत सुलतानपुर आदमपुर निवासी डॉ. अकलीम ने न सिर्फ अपनी हिम्मत की मिसाल कायम की, बल्कि पूरे देश को गर्व का पल दिया।उपलब्धि का जश्न: भव्य स्वागत और सम्मान समारोहघर वापसी पर डॉ. अकलीम का स्वागत एक राजसी जुलूस की तरह हुआ। दोपहर 2 बजे अली चौक सुलतानपुर आदमपुर से शुरू होकर शाही जामा मस्जिद होते हुए नगर पंचायत कार्यालय तक पहुंचा यह जुलूस। हजारों की भीड़ ने फूलों की वर्षा और नारों से उनका हार्दिक स्वागत किया। नगर पंचायत सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में स्थानीय दिग्गजों ने उन्हें सम्मानित किया।प्रमुख अतिथि और सम्मान:क्षेत्रीय लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद: “डॉ. अकलीम ने दिखाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई लक्ष्य असंभव नहीं।”यह हमारे क्षेत्र का सौभाग्य है।”देशभक्ति की यह मिसाल युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।”उप जिलाधिकारी सौरव असवाल व ईओ सुल्तानपुर प्रियंका ध्यानी स्वागत समारोह में नही पहुंचे।नगर पंचायत सुल्तानपुर अध्यक्ष प्रतिनिधि ताहिर हसन: “हमारा गौरव बढ़ाने पर हार्दिक बधाई!”एडवोकेट जावेद अली ने कहा कि स्थानीय विकास में योगदान की सराहना।समारोह में एडवोकेट जावेद अली, ठेकेदार कलीम अहमद,मुर्सलीन अहमद शमीम अहमद सभासद सनव्वर राजा शादाब अली जावेद खत्री रियाजुल हसन तनवीर अहमद शदाब डौसनी इन्तजार इदरीसी सहित सैकड़ों ग्रामीण-शहरीवासी उपस्थित रहे। माहौल उत्साह से गूंज उठा, जहां गीत-संगीत और भाषणों ने जश्न को और रंगीन बना दिया।डॉ. अकलीम की प्रेरणा: संघर्ष से सफलता तकचिकित्सा क्षेत्र में सेवा देते हुए भी खेल के प्रति समर्पण रखने वाले डॉ. अकलीम की यह उपलब्धि बताती है कि दिव्यांगता कोई बाधा नहीं। पैरा थ्रो बॉल जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने न सिर्फ भारत का मान बढ़ाया, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के युवाओं को नई दिशा दी। क्षेत्रवासी अब उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिले।यह खबर न सिर्फ एक व्यक्तिगत विजय की कहानी है, बल्कि समर्पण और सामूहिक जश्न की मिसाल। डॉ. अकलीम को हार्दिक बधाई—आगे और ऊंचाइयों का इंतजार है!

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