जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत बहुउद्देशीय शिविरों का रोस्टर जारी, डीएम मयूर दीक्षित ने दिए अधिकारियों को निर्देश।हरिद्वार।उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के आयोजन का रोस्टर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा जारी कर दिया गया है।जारी रोस्टर के अनुसार पहला बहुउद्देशीय शिविर दिनांक 18 फरवरी 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड नारसन, तहसील रुड़की की न्याय पंचायत लिब्बरहेड़ी में आयोजित होगा। यह शिविर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गदरजुड़ा में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) की अध्यक्षता में संपन्न किया जाएगा। दूसरा शिविर दिनांक 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड बहादराबाद, तहसील हरिद्वार की न्याय पंचायत लालढांग में स्थित ओमप्रकाश ज्ञानदीप इंटर कॉलेज, लालढांग में आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता भी अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) करेंगे। वहीं तीसरा शिविर दिनांक 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड लक्सर, तहसील लक्सर की न्याय पंचायत बहादरपुर खादर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ऐथल बुजुर्ग में उप जिलाधिकारी लक्सर की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा।इन बहुउद्देशीय शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। इसके साथ ही नागरिकों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, पेंशन से संबंधित प्रकरण, राजस्व मामलों का निस्तारण, कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाएं, समाज कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शिविरों में स्वयं उपस्थित रहकर अपने-अपने विभागों के स्टॉल लगाएं और आम जनता को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का समाधान उनके गांव और क्षेत्र में ही करना है।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम शासन की जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक है, जिसके माध्यम से प्रशासन सीधे जनता से संवाद स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ शिविरों में कार्य करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इन शिविरों से लाभान्वित हो सकें।




