एमएसपी कानून की मांग को लेकर किसान यात्रा में मुज़फ्फरनगर के किसान निभाएंगे अहम भूमिका
मुज़फ्फरनगर
एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी और खेती-किसानी से जुड़ी अन्य ज्वलंत मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा 7 फरवरी 2026 से कन्याकुमारी से श्रीनगर (कश्मीर) तक किसान जागृति यात्रा निकाली जाएगी। इस राष्ट्रव्यापी किसान यात्रा में मुज़फ्फरनगर जिले के किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे। यह जानकारी भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिला अध्यक्ष चौ. अक्षय (अक्षु) ने दी। उन्होंने बताया कि किसान यात्रा को लेकर जिले में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं तथा मुज़फ्फरनगर के गांव-गांव में किसान पंचायतें आयोजित की जाएंगी। चौ. अक्षय (अक्षु) ने कहा कि मुज़फ्फरनगर का किसान आज बढ़ती लागत, गिरते फसल दाम और भारी कर्ज से परेशान है। एमएसपी की कानूनी गारंटी के बिना किसान सुरक्षित नहीं है। यात्रा के दौरान मुज़फ्फरनगर जिले से किसानों की मांगों से संबंधित प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे, जिन्हें 19 मार्च 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिल्ली के गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में लिया गया, जिसमें देशभर के किसान नेता शामिल हुए। बैठक में जगजीत सिंह डल्लेवाल को राष्ट्रीय संयोजक सहित अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई। चौ. अक्षय (अक्षु) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल पैदावार बढ़ने से किसान खुशहाल नहीं हो सकता। किसान मजबूरी में अधिक उर्वरक और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे उसकी लागत बढ़ रही है, जबकि फसलों के दाम लगातार घट रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो मुज़फ्फरनगर में किसान आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




