बस चालक की झूठी लूट की कहानी बेनकाबमात्र कुछ ही घंटे के बाद बस चालक ने तोड़ी अपनी चुप्पी
पुलिस के सामने लूट की कहानी का सुंयोजित राज उगला
रिपोर्ट:अजय त्यागी
नागल: क्षेत्र में सामने आई कथित लूट की घटना का पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लूट की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि स्वयं बस चालक ने रची थी। पुलिस की सतर्कता और सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और पूरी मनगढ़ंत कहानी उजागर हो गई।
जानकारी के अनुसार मीरपुर मोहनपुर निवासी नवीन वाल्मीकि की 6 दिसंबर को चंडीगढ़ में शादी संपन्न हुई थी। रविवार को ससुराल पक्ष विवाहिता को विदा कराकर बस से गांव पहुंचे थे। बस चालक सरबजीत सिंह निवासी चंडीगढ़ ने शाम करीब 5 बजे गांव की बस्ती से बाहर लघु शंका का बहाना बनाकर और बाद में खुद के साथ लूट की झूठी सूचना फैला दी। चालक ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित कहानी गढ़ दी, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। शुरू से ही पुलिस को घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। जब बस चालक से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और स्वीकार किया कि नशे के सेवन के चलते उसने यह झूठी अफवाह फैलाई थी। और गाड़ी की बुकिंग का पैसा मलिक को न देने के चलते खुद हड़पने के लिए यह बड़ा कदम उठाया
थाना प्रभारी राजकुमार चौहान ने बताया कि आरोपी बस चालक सरबजीत सिंह पूर्व में भी जेल जा चुका है और मात्र एक माह पूर्व ही उक्त बस पर चालक के रूप में नियुक्त हुआ था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गाड़ी की चाबी, एक मोबाइल फोन और 14,100 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। शेष 7,000 रुपये उसने ऑनलाइन माध्यम से अपने एक साथी को खर्च के लिए फोन-पे कर दिए थे।
बस मालिक सगीर अहमद की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है।




