नहीं जाने दूंगी किसी भी मृतक को लावारिस के रूप में,लावारिसों की वारिस क्रांतिकारी शालू सैनी
रुड़की।खतौली क्षेत्र से मिली जानकारी पर नई मंडी शमशान घाट पर हर रोज की तरह आज फिर मृतक की बहन बनकर विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार किया।क्रांतिकारी शालू सैनी ने कहा कि सभी धर्मों के धर्मानुसार अंतिम संस्कार की सेवा बहुत बड़ी जिम्मेदारी है,जिसको मैं अकेले नहीं कर सकती।बाबा भोलेनाथ की कृपा से साथ-साथ मुझे आप सबकी मदद की जरूरत है।अपनी कमाई में से छोटी सी सहयोग राशि जरूर दान करें,ताकि हर मृतक को कफन नसीब हो सके और विधि-विधान से अंतिम बिदाई दी जा सके।महाकाल की बेटी क्रांतिकारी शालू सैनी लावारिसों की वारिस एवं वर्ल्ड गिनीज रिकॉर्ड होल्डर ने कहा कि इस पुनीत कार्य में जन सहभागिता भी आवश्यक है,हालांकि वह पिछले छः वर्षों से इस कार्य को अपने समर्थ के हिसाब से करती चली आ रही है और अब तक पांच हजार से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार उनके द्वारा किया जा चुका है।




