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आग की लपटों से घिरा औद्योगिक क्षेत्र, रात भर दौड़ती रही फायर की गाड़ियां। 18 घंटे की कड़ी मसक्कत से किया गया आग की लपटों को शांत”

“आग की लपटों से घिरा औद्योगिक क्षेत्र, रात भर दौड़ती रही फायर की गाड़ियां। 18 घंटे की कड़ी मसक्कत से किया गया आग की लपटों को शांत”
बहादराबाद 21 मई ( महिपाल )
बीती रात लगभग 9:30 बजे रात्रि को फायर स्टेशन सिडकुल हरिद्वार को सूचना प्राप्त हुई कि सेक्टर 3A स्थित मेसर्स के. के. जी. इंडस्ट्रीज में भीषण आग लगी हुई है जो तेजी से अन्य औद्योगिक इकाइयों की तरफ बढ़ रही है। उक्त सूचना पर फायर स्टेशन से तत्काल 2 फायर यूनिट अग्निशमन अधिकारी सिडकुल अनिल कुमार त्यागी महोदय के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। आग की लपटें और काले धुवें का गुबार दूर से ही दिख रहा था, जिस कारण तत्काल ही स्टेशन से तीसरी फायर यूनिट एवं फायर स्टेशन मायापुर से भी सहायतार्थ फायर यूनिट मंववाई गई। फायर यूनिट ने सर्वप्रथम आग को तीन तरफ से बुझाना शुरू किया और कंपनी में किसी भी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना पर परिसर में सर्च अभियान चलाया, परंतु कोई भी कर्मचारी भीषण अग्निकांड में अंदर फंसा नही था जिससे एक बड़ी राहत की सांस महसूस हुई। अग्निकांड की सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी जनपद हरिद्वार महोदय अभिनव त्यागी भी मायापुर फायर स्टेशन की तीन फायर यूनिट साथ मे लेकर घटनास्थल पर उपस्थित हुए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महोदय द्वारा जनपद के अन्य फायर स्टेशनों एवं ऋषिकेश फायर स्टेशन से भी एक फायर यूनिट और औद्योगिक इकाई एकम्स ड्रग्स लिमिटेड और महिंद्रा लिमिटेड से भी एक फायर टेंडर घटनास्थल पर मंगवाया। 10 फायर यूनिटों ने संयुक्त प्रयास से आग को बुझाना शुरू किया और लगातार आग पर पानी डाल कर भीषण रूप धारण कर चुकी लपटों को शांत करना शुरू किया। वाहनों में पानी खत्म होने पर पास की औद्योगिक इकाइयों नील मेटल, महिंद्रा, एकम्स ड्रग्स इत्यादि से लगातार पानी भर भर कर आग आर डाला गया। उक्त औद्योगिक इकाई के. के. जी. इंडस्ट्री में प्लास्टिक, थर्माकोल, रबर एवं एल्युमिनियम जैसी धातुओं के भंडार होने के कारण आग की लपटें पूरे भवन को अपने कब्जे में ले चुकी थी। पानी डालने से लपटे एक तरफ से शांत हो रही थी तो दूसरे तरफ से भीषण रूप से जल रही थी। जिस कारण आग बुझाने में विकट समस्याओं का सामना फायर कर्मियों को करना पड़ रहा था। अग्निकाण्ड में बार बार जल रही लपटों को शांत करने के लिए फोम कंपाउंड का भी इस्तेमाल फायर कर्मियों द्वारा किया गया। भीषण लपटों एवं विकट परिस्थितियों के बीच फायर कर्मियों के जुझारूपन से लगभग 7 बजे प्रातः के आसपास आग को काबू किया गया। घटनास्थल पर पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद थे। अग्निकाण्ड बड़े औद्योगिक क्षेत्र में होने के कारण पास की इकाइयों में आग के फैलने की संभावना को देखते हुए आसपास की इकाइयों द्वारा अपने अपने संस्थान के फायर हाइड्रेंट से भी आग को बुझाने में सहयोग किया। बड़े परिसर के अलग अलग हिस्सों में आग फैलने के कारण फायर कर्मियों को बेहद विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था, साथ ही पानी के लिए लगातार फायर सर्विस के वाहनों की दौड़ से पूरा औद्योगिक क्षेत्र वाहनों के सायरन की आवाज से गुंजायमान हो रहा था। आग की लपटों को पूर्णतया शांत करने में फायर कर्मियों को लगभग 18 से 19 घंटे का समय लगा और आज 21मई को लगभग 4.30 बजे सांयकाल को आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। उक्त अग्निकाण्ड में पूरा फैक्ट्री परिसर जल चुका है और कम्पनी प्रबंधन द्वारा आकस्मिक तौर पर 20 से 25 करोड़ के नुकसान की बात कही गयी है, साथ ही किसी भी प्रकार की जनहानि के बारे में अवगत नही कराया गया है।

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