रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
भ्रष्टाचार पर प्रहार द्वारा दिनांक 14 अक्टूबर 2022 को समाचार सीआरसी सिस्टम के सामने अपाहिज बना शिक्षा विभाग कार्यालय में बैठे बैठे बी ई ओ स्वराज सिंह तोमर की मौजूदगी में झपकी लेते सीआरसी की सूचना को बिना तथ्यों की पुष्टि किए प्रचारित और प्रसारित किया गया । यह अत्यंत ही खेद का विषय है अवगत कराना है कि यह छायाचित्र फोटो दिनांक 29 सितम्बर 2022 प्रातः 5:01 का है। स्पष्ट करना है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2022 में मुझे सहायक निर्वाचन अधिकारी ए आर ओ न्याय पंचायत कोटा मुरादनगर के रूप में नियुक्त किया गया था दिनांक 28 सितंबर 2022 को मतगणना का कार्य प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ किया गया। कार्य के निष्पादन हेतु मैं और मेरे सहायक अध्यापकों सहित पूरी टीम मतगणना के कार्य में मुस्तैदी के साथ लगी रही। मतगणना का कार्य 28 सितंबर 2022 से प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होकर अविरल रूप से दिनांक 29 सितंबर 2022 के अपराह्न तक गतिमान रहा। जो फोटो प्रसारित किया जा रहा है यह खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का ना होकर निर्वाचन कार्यालय राष्ट्रीय इंटर कॉलेज रोहालकी का है पूरी टीम के लगातार 24 घंटे से अधिक अनवरत रूप से कार्य करने के कारण अत्यधिक थकान की वजह से 29 सितंबर 2022 को प्रातः 5:00 बजे हल्की सी नींद की झपकी आई। जिस दौरान का यह फोटो प्रसारित किया गया उक्त मतगणना के दौरान लगातार उच्चाधिकारियों की उपस्थिति भी बनी रही जिसमें जिला अधिकारी हरिद्वार, मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार, अपर जिलाधिकारी हरिद्वार, उप जिलाधिकारी हरिद्वार, निर्वाचन अधिकारी बहादराबाद एवं खंड विकास अधिकारी बहादराबाद भी उपस्थित रहे। अन्य आरोप जैसे कि संकुल प्रभारी परियोजना के पैसों को जमकर लूट रहे हैं, अधिकारियों को कार में घुमा कर निरीक्षण के नाम पर अवैध उगाही करना ,जैसे ही खंड शिक्षा अधिकारी हरिद्वार आते हैं संकुल प्रभारी गाड़ी लेकर उनको रिसीव करते हैं और मदमस्त होकर पैसा कमाने में लगे हैं तथा सीआरसी के द्वारा अपने खाते में पैसा मंगवा लिया जाता है सूचना निराधार व पूर्ण रूप से असत्य है इस तरह की सूचना पुष्ट प्रमाण के सोशल मीडिया में प्रसारित करना अधिकारियों एवं शिक्षकों की छवि को धूमिल करने का कुप्रयास है। संबंधित समाचार पोर्टल से अपेक्षा की जाती है कि यह मनगढ़ंत व असत्य सूचना जिस व्यक्ति द्वारा दी गई है की सूचना उपलब्ध कराने की कृपा करेंगे जिससे कि संबंधित पर मानहानि अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सके।




