त्योहारों और शादियों में दूध की डिमांड दो गुनी से भी अधिक हो जाती है वहीं पनीर की डिमांड शादियों में काफ़ी बढ़ जाती है जिसके लिए दूध का होना जरुरी है लेकिन दूध का उत्पादन लगातार काम होने के बाद भी दूध की सप्लाई निरंतर हो रही है जो सोचनीय है की जब दूध का उत्पादन कम हो रहा हेवतो दूध की सप्लाई कैसे हो रही है l ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ पशुपालन घट रहा है, खेती की जमीनों पर भवन निर्माण होने लगा है खेती का रकबा घट रहा है तो दूध की सप्लाई कहाँ से हो रही है l दूध का कारोबार करने वालों पर दूध में केमिकल के मिलावट की बात आम है जिसे रोकना
रक्षेत्र में जैसे जैसे त्यौहार आते हैं तुरंत सक्रियता से दूध को भारी मात्रा में भेजने के लिए तरह तरह के आइटम यूज़ करते हैं दूध को गाढ़ा करना पानी की तो बात दूर की है उसमें अलग-अलग तरह के केमिकल भी यूज किए जाते हैं हमारी इस मामले में फूड फूड विभाग का काम होता है लेकिन विभाग आंखे बंद किए इस मिलावट के खेल को देखता रहता है जिससे जनता अनेक गंभीर बोमारियों का शिकार हो रही है विशेष कर छोटे बच्चे मिलावटी दूध पीकर अभी से बड़ी बड़ी बीमारियो का शिकार हो रहे है l हाल ही में देहरादून में उत्तर प्रदेश सेसप्लाई किया गया 5 कुंतल मिलावटी पनीर का जखीरा पकड़ा गया था जिस पर क्या कार्यवाही हुई है इसका अभी तक कोई पता नहीं है उस पर ग्रामीण क्षेत्रों में न तो स्वास्थय विभाग और न ही फूड विभाग कोई सेम्पलिंग की कार्यवाही करता है और न ही दूध सप्लाई करने वालों को इसका कोई डर है जिसका फायदा उठाते हुए ग्रामीण जनता मिलावती दूध, खोया, पनीर, मिठाइयो का सेवन कर बीमार हो रहे है l आज रुड़की के फूड इंस्पेक्टर द्वारा दूध के सेम्पल लेने की खबर से जनता में एक उम्मीद बँधी है कि इस कार्यवाही से मिलावट खोरो पर अंकुश लगेगा, ऐसी तरह कि कार्यवाही को पूरे जनपद में बड़े पैमाने पर चलाए जाने की जरूरी है l अब दिखना होगा कि विभाग कहाँ और कब कार्यवाही करता है अथवा वह भी केवल दिखावा मात्र कर आपने कर्तव्य से मुँह मोड़ कर जनता को मिलावट का दूध और मिलावटी दूध का सामान उपभोग करने पर मज़बूर करेगा l रुड़की के फूड इंस्पेक्टर संतोष जी से बात हुई है उन्होंने कहा कि लगातार सैंपल भरे जा रहे हैं स्टेशन रोड पर भी सैंपल लिए गए हैं l




