रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
हरिद्वार में आगामी दिनों में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। वैसे तो हरिद्वार शहर में मिलावटी खाद्या पदार्थों का धंधा पिछले कई सालों से चरम पर है, लेकिन यात्रा सीजन शुरू होते ही मिलावटखोर हरिद्वार में सक्रिय हो जाते हैं। जिसके चलते दूर-दराज से यहां आने वाले यात्री मिलावटी खाद्य पदार्थ खाकर विभिन्न् बीमारियों की चपेट में आकर ला-इलाज बीमारी का खामियाजा भुगतने लगते हैं, जिसके चलते यहां का पुुलिस प्रशासन सहित सम्बन्धित विभाग पूर्ण रूप से जिम्मेदार है, हालांकि प्रशासन सीजन शुरू होने से पूर्व एक-आध जगह छापेमारी कर इतीश्री कर लेता है, जिसके चलते ही इन मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद हैं और ऐसे लोग सेहत के दुश्मन बन लोगों में कोहराम मचाते हैं। गौरतलब है कि गर्मियों का सीजन शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार में तीर्थ यात्रा करने पहुंचते हैं। इसको देखते हुए शहर में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। सबसे ज्यादा खपत दूध की होती है, इसलिए मिलावटी दूध बाजारों के जरिए स्थानीय जनता और यात्रियों तक पहुंचाया जाता है। मिलावट खोरी पर नकेल कसने के लिए हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ छापेमारी की जरूर, लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान सी कार्यवाही भर साबित हो रही है। बता दें कि इस दौरान भारी मात्रा में नकली दूध बनाने का कच्चा माल बरामद हुआ, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकान के लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं।
वहीं, दूसरी ओर समाचार पत्रों में छपी खबरों का संज्ञान लेने के बाद और लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेकर यात्रा सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने मिलावट खोरों पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। इस कड़ी में सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ कोतवाली ज्वालापुर स्थित खालसा डेयरी फार्म पर छापेमारी की। इस दौरान टीम को दुकान में रिफाइंड ऑयल, दूध बनाने का पाउडर बरामद हुआ।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी से दूध, पनीर, मक्खन और मावा सहित अन्य उत्पादों का सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा यात्रा सीजन शुरू होने वाला है और चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार के होटल, ढाबों में बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पादों की सप्लाई होती है। लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर छापेमारी की गई है। डेयरी उत्पादों को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा गया है। सैंपल फेल होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर डेयरी का लाइसेंस निरस्त करने की खाद्य सुरक्षा विभाग तैयारी कर रहा है। बहरहाल असल चैकिंग-छापेमारी अभियान प्रशासन को हरिद्वार बस अडडे से लेकर सुखी नदी तक करना चाहिए, क्योंकि यह संपूर्ण क्षेत्र यात्री बाहुल्य क्षेत्र है और यहां तमाम यात्री हरकी पौड़ी पर गंगा स्नान के बाद बाजारों में घमने निकलते हैं और विभिन्न स्टालों, ढाबों, खाने के होटल, रेस्टोरेंट, चाय-दूध इत्यादी खाद्य पदार्थों की दुकानों पर जाकर मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन कर मौत को गले लगा लेते हैं।




